What is Maximum Demand in hindi

दोस्तों आज हम इलेक्ट्रिकल मे मैक्सिमम डिमांड से जुड़ी महत्वपूर्ण बात करेंगे। इसे छोटे शब्दों में MD भी कहा जाता है, जिसकी फुल फॉर्म Maximum Demand होती है। यह maximum demand शब्द आपको उन सभी जगह सुनने को मिलेगा, जहाँ पर हमने बिजली का कनेक्शन ले रखा होता है।

अगर हम घर की भी बात करे तो घर के बिजली बिल में भी आपको maximum demand मिलती है, जिस तरह यह कंपनी के अंदर होती है। तो अब हम यह जान लेते है की आखिर में मैक्सिमम डिमांड का इलेक्ट्रिकल में क्या मतलब होता है।

What is Maximum Demand(मैक्सिमम डिमांड क्या है)

दोस्तों अगर आप इस अंग्रेजी शब्द को हिंदी में अनुवाद करोगे, तो आपको आसानी से पता चल जाएगा की maximum demand क्या है।

मैक्सिमम डिमांड का हिंदी में अनुवाद अधिकतम माँग होता है। अधिकतम माँग(maximum demand) हमें यह बताती है की हम, ज्यादा से ज्यादा कितनी इलेक्ट्रिसिटी को एक समय पर खर्च कर सकते है। और अगर हम इस अधिकतम माँग से ज्यादा की बिजली को उपयोग करते है, तो उस समय बिजली देने वाली कंपनी हमसे पलेंटी चार्ज लेती है।

उदाहरण- जैसे अगर मेरे घर की MD 1 KW है। तो इसका मतलब यह है की, मैं मेरे घर पर 1 KW से बड़े उपकरण को नहीं जोड़ सकता हुँ। और अगर में ऐसा करता हु, तो मुझे पलेंटी देनी होगी।

What is MD plenty (MD पलेंटी क्या है)

अब हम यह जान लेते है की आखिर पॉवर डिस्ट्रब्यूट करने वाली कंपनी हमसे पलेंटी क्यों लेती है। तो दोस्तों इसके पीछे काफी सिंपल सी वजह है।

जब कभी हम किसी घर या कंपनी को बनाकर उसमे बिजली का कनेक्शन लगवाते है। तो यह बिजली कनेक्शन देने से पहले बिजली देने वाली कंपनी हमसे कुछ सवाल पूछती है। इसमे एक मुख्य सवाल होता है की आपकी मैक्सिमम डिमांड क्या है।

और इस सवाल का जवाब हमे कनेक्शन लेने से पहले बताना होता है, तभी हमको बिजली कनेक्शन मिल पाता है।

MD बताना क्यों जरूरी है?

Maximum Demand बताना इसलिए जरूरी है, क्युकी हम जो भी बिजली का उपयोग करते है वो किसी ना किसी पॉवर प्लांट में बनाई जा रही होती है। और अगर हम बिना हमारी डिमांड को बताए कभी ज्यादा उपकरण को जोड़ देंगे, तो फिर इलेक्ट्रिकल पावर प्लांट में समस्या हो सकती है।

इस बात को आप आसानी से समझ सकते है। जैसे- अगर आपके घर में एक 100 Watt बल्ब जल रहा है, तो आपके इस बल्ब को चलाने के लिए पावर प्लांट में 100 वाट ज्यादा बिजली बनानी पड़ रही है।

इस वजह से ही बिजली देने वाली कंपनी आपसे पहले ही Maximum demand पूछ लेती है, ताकि पावर प्लांट में आपके डिमांड पर ज्यादा बिजली बन पाए।


Maximum Demand हमे क्या बताती है?

इस सवाल में कई लोग काफी ज्यादा कंफ्यूज होते है। तो दोस्तों सबसे पहले आप यह साफ़ कर लीजिए की, मैक्सिमम डिमांड आपके पूरे महीने के बिजली खर्च की लिमिट नहीं होती है।

यह सिर्फ परसेंट टाइम के लोड की लिमिट होती है। मतलब सिंपल सा यह है की, आप कभी भी अपनी मैक्सिमम लिमिट से ज्यादा एक बार में लोड नहीं चला सकते।

जैसे- अगर आपकी MD 10KW है, तो इसका मतलब आप 10KW से ज्यादा लोड को एक समय पर नहीं चला सकते।

यह तो मैंने आपको सिर्फ उदाहरण दिया है, वरना कंपनीयो के अंदर MD इससे काफी ज्यादा होती है। हमारी कंपनी की MD पहले 1900 थी, लेकिन अब हमने उसे बढ़ाकर 2500 करवा दी है। क्युकी हमारी कंपनी के अंदर हाल ही में कुछ नए उपकरण लगाए गए है, जिसके कारण हमारा बिजली खर्च बढ़ गया है।

MD रेटिंग KVA में होती है या KW?

अगर हम कंपनी की बात करे तो यहाँ पर MD रेटिंग हमेशा KVA के अंदर ही होती है। लेकिन घरो के अंदर आपको MD किलोवॉट में भी देखने को मिलती है।

MD प्लेंटी से कैसे बचे?

इसके लिए सबसे पहले आपको आपके कंपनी या घर की मैक्सिमम डिमांड को पता करना है। यह maximum demand आपको बिजली बिल पर मिल जाएगी। अब MD पता लग जाने के बाद आपको आपकी कंपनी के लोड का ध्यान रखना है। आप इस बात का ध्यान रखिए की एक समय पर कितना लोड चल रहा है।

जैसे- अगर आपकी कंपनी की MD 100 KVA है, तो आप ध्यान रखिए की एक समय पर कभी भी 100 KVA से ज्यादा उपकरण नहीं चल जाए। अगर आप आपकी मैक्सिमम डिमांड से ज्यादा के उपकरण को एक समय पर चला देते है, तो ऐसा करने पर आपको पलेंटी देनी पड़ सकती है।


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तो दोस्तो उम्मीद है आज आपके Maximum Demand से जुड़े कई सवालो के जवाब मिल गए होंगे। अगर आपके अभी भी कोई सवाल इंजीनियरिंग से जुड़े है, तो आप हमे कमेन्ट करके जरूर बताये।

इंजीनियरिंग दोस्त (Engineering Dost) से जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। 🙂 

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