Transformer Maintenance कब और कैसे किया जाता है?

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Transformer maintenance checklist

नमस्कार दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम Transformer Maintenance के ऊपर बात करेंगे। हम जानेंगे की ट्रांसफार्मर का मेंटेनेंस कब-कब किया जाता है और इस ट्रांसफार्मर मेंटेनेंस में हमे किन किन बातो का ध्यान रखना चाहिए।

What is Transformer Maintenance

ट्रांसफार्मर मेंटेनेंस क्या है?

जैसा की हम सभी को पता है, किसी भी मशीन को बराबर तरीके और लम्बे समय तक उपयोग लेने के लिए हमे उसकी देखभाल और मरम्मत करनी होती है। और इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमे इलेक्ट्रिकल के काफी मुख्य उपकरण ट्रांसफार्मर को भी मेंटेनेंस करना काफी जरूरी होता है।

Transformer maintenance schedule and checklist hindi

आपको मैं शुरुवात में ही बता दू की ट्रांसफार्मर एक काफी कम मेंटेनेंस वाला उपकरण है, लेकिन हम इसे फ्री मेंटेनेंस डिवाइस नहीं बोल सकते है।

Transformer Maintenance के प्रकार

दोस्तों ट्रांसफार्मर मेंटेनेंस की चेकलिस्ट को मुख्यतौर से समय के अंतराल पर बाँटा जाता है।

  1. Hourly basis (घंटो के आधार पर)
  2. Daily Basis (दैनिक आधार पर)
  3. Monthly basis (महीने के आधार पर)
  4. Quarterly basis (हर 3 महीने के अंतराल पर)
  5. Half Year Basis (हर 6 महीने पर)
  6. Yearly Basis (सालाना मेंटेनेंस)
  7. 2 Years basis (दो साल होने पर)
  8. 7-10 Year Basis (7-10 साल उपयोग होने पर)

अब इसके बाद में हम एक एक करके यह जान लेते है की किस मैंटेनस में क्या क्या चेक करना होता है, मतलब अब हम Transformer Maintenance की checklist को देखेंगे।

यह भी पढ़े- Types of Transformer (ट्रांसफार्मर के प्रकार)

Transformer Maintenance Schedule with Checklist

Hourly basis Transformer Maintenance

ट्रांसफार्मर मेंटेनेंस चेकलिस्ट के अंदर सबसे पहले हम ट्रांसफार्मर को घंटो के आधार पर चेक करते है। इसके अंदर हमे हर घंटे ट्रांसफार्मर पर जाकर मुख्य 3 पॉइंट्स को चेक करके लिखना होता है।

1. Check the Loading Ampere of transformer against rated figures- मतलब की हमे ट्रांसफार्मर पर कनेक्ट हुए एम्पेयर को चेक करना होता है और साथ ही इस बात का ध्यान रखना होता है, की ट्रांसफार्मर अपनी कैपेसिटी से ज्यादा एम्पेयर पर नहीं चल रहा हो।

2. Check the voltage of the transformer against the rated figures- दूसरे नंबर पर हमे हर घंटे ट्रांसफार्मर के वोल्टेज को चेक करना होता है, की आखिर वह उसकी कैपेसिटी से ज्यादा पर तो नहीं जुड़ा हुआ है।

3. Check the Temperature of oil- घंटे के आधार पर 3 पॉइंट के अंदर हम ट्रांसफार्मर ऑइल को देखते है, की आखिर वह अपनी कैपेसिटी से कम तो नहीं है।

Daily basis Transformer Maintenance

ट्रांसफार्मर को घंटे के आधार पर चेक करने के साथ ही हमे रोजाना एक बार ट्रांसफार्मर में कुछ पॉइंट्स चेक करने काफी जरूरी है।

1. check for oil leakage from any point of the transformer- हमे दिन में एक बार रोजाना ट्रांसफार्मर के पास जाकर देखना चाहिए की ट्रांसफार्मर में कहि से भी कोई ऑइल का लीकेज तो नहीं हो रहा है।

2. check the oil and winding temperature- इसके अलावा हमे ट्रांसफार्मर ऑइल और साथ ही ट्रांसफार्मर की वाइंडिंग के टेम्परेचर को चेक करना चाहिए। (यह टेम्परेचर हम OTI और WTI की मदद से चेक कर सकते है)

OTI WTI transformer meter3. check the oil level of the main conservator- हमे ट्रांसफार्मर के कंजरवेटर टैंक के आयल लेवल को भी देखना चाहिए।

4. Oil level in the bushing- यह पॉइंट सभी ट्रांसफार्मर के अंदर नहीं होता है, यह ज्यादातर पावर ट्रांसफार्मर में ही चेक किया जाता है। लेकिन अगर आपके ट्रांसफार्मर की बुशिंग में ऑइल लेवल है, तो हमे उसे भी दिन में एक बार जरूर चेक करना चाहिए।

Monthly basis Transformer Maintenance

रोजाना ट्रांसफार्मर की चेकलिस्ट बनाने के बाद हमे हर महीने के अंदर एक बार ट्रांसफार्मर के और भी कुछ मुख्य पॉइंट्स को देखना काफी जरूरी है।

1. Check Breather Condition- सबसे पहले हमे महीने में एक बार ट्रांसफार्मर के ब्रीथर को अच्छे से चेक कर लेना चाहिए।transformer breather maintenance

इसके अंदर हम ब्रीथर के आखरी में लगे ऑइल कप के अंदर रखे Oil का level चेक करते है। साथ ही हमे सिलिका जेल (Silica gel) को भी चेक करना होता की आखिर वह सही है या खराब।

2. Check oil level in the Buchholz relay- इसके बाद हमे महीने में एक बार ट्रांसफार्मर बुकोज रिले के आयल लेवल को भी चेक करना होता है।

3. Check Oil level of the transformer- आखरी के अंदर हम ट्रांसफार्मर के अंदर भरे ऑइल के लेवल को भी चेक करते है।

Quarterly basis Transformer Maintenance

इसके बाद अगली ट्रांसफार्मर मेंटेनेंस चेकलिस्ट हर तीन महीने पर की जाती है, इसमें हमे मुख्य 4 पॉइंट्स को देखना होता है।

1. Check for dirt on the bushing- सबसे पहले हमे यह चेक करना होता की ट्रांसफार्मर की बुशिंग पर ज्यादा गंदगी, जैसे- मिटटी तो नहीं जम गयी है।

2. BDV and Insulating Oil test- दूसरे नंबर पर हम ट्रांसफार्मर के ऑइल का BDV test मतलब ब्रेकडाउन वोल्टेज टेस्ट करते है, साथ ही साथ ऑइल का इंसुलेटिंग टेस्ट को भी करा जाता है।

3. Check for cooling fan manual & auto function- अगर आपके ट्रांसफार्मर को ठंडा रखने के लिए कूलिंग फैन को लगा रखा है, तो उसे भी हम आटोमेटिक तरीके से और मैन्युअल तरीके से चलाकर देखते है की यह बराबर काम कर रहा है या नहीं।

4. Check the mechanism operation of OLTC- तीन महीने के मैंटेनस के आखिरी में हम ट्रांसफार्मर टैप चेंजर को भी चेक करते है।

Half Year Basis (Every 6 Months) Maintenance

1. Testing of Transformer Oil- ट्रांसफार्मर के रेगुलर 6 महीने चलने पर हमे एक बार ट्रांसफार्मर ऑइल को अच्छे से टेस्ट कर लेना चाहिए।

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दोस्तों अब इन सभी के बाद ट्रांसफार्मर मैंटेनस का सबसे मुख्य पार्ट आ जाता है, जिसे हम सालाना मैंटेनस के नाम से जानते है।


Yearly Basis (Transformer Complete Maintenance)

यह मैंटेनस साल में एक बार लिया जाता है, और इसके अंदर ट्रांसफार्मर को पूरी तरह से चेक किया जाता है। इस मैंटेनस की एक खास बात यह भी है की इसे ट्रांसफार्मर को shutdown करके मतलब बंद की कंडीशन में किया जाता है।

1. Check the Buchholz relay function completely- इसमें हम सबसे पहले ट्रांसफार्मर बुकोज रिले को के फंक्शन को पूरी तरह से चेक करते है। जैसे की बुकोज रिले की वायरिंग, इसके NO NC टर्मिनल आदि।

2 . Check the transformer marshaling box- सालाना मेंटेनेंस के अंदर हमे एक बार ट्रांसफार्मर के मार्शलिंग बॉक्स को भी अच्छे से देखना चाहिए। इसके अंदर हमे सभी टर्मिनल कनेक्शन की टाइटनेस चेक करनी होती है।

साथ ही marshaling box हीटर को भी चेक करना चाहिए, इसके अलावा अगर कही पर गंदगी है, तो वो भी हमे साफ़ करनी चाहिए।

Transformer insulation resistance test

3. Transformer insulation resistance test- इनके साथ ही हम ट्रांसफार्मर की वाइंडिंग का इंसुलेशन रेजिस्टेंस टेस्ट मतलब मेगर भी करते है। ऐसा करने से हमे वाइंडिंग के इंसुलेशन की ताकत पता चल जाती है।

4. Transformer earthing test- इस मैंटेनस के अंदर ट्रांसफार्मर की अर्थिंग को भी अच्छे प्रैक्टिकल तरीके से चेक करना चाहिए।

5. Transformer oil complete check- सालाना मेंटेनेंस के अंदर ट्रांसफार्मर के ऑइल को पूरी तरह से चेक किया जाता है। इसके अंदर हम ऑइल के सभी टेस्ट करते है।

6. All Power & control Terminal tightness and overheating check- सबसे जरूरी काम हमे इस समय ट्रांसफार्मर के सभी कनेक्शन जैसे- पावर और कण्ट्रोल को अच्छे से चेक करके प्रॉपर टाइट करना चाहिए।

7. Transformer Body clear & Paintwork- आखरी के अंदर हम ट्रांसफार्मर की बॉडी को पूरी तरह से साफ़ करते है और अगर कही पर paint हटा हुआ रहता है, तो उस पर हम वापस से प्रॉपर पैंट करते है।

दोस्तों अब आखरी के अंदर दो Transformer Maintenance और बाकि है। जिसमे से एक हर 2 साल पर किया जाता है और दूसरा 7-10 साल के गैप पर किया जाता है।

2 Years basis Maintenance Schedule

ट्रांसफार्मर की सेफ्टी और लाइफ को ध्यान में रखते हुए, हर 2 साल में एक बार यह काफी जरूरी चेकलिस्ट पूरी की जाती है।

1. OTI & WTI Meter Calibration- इसमें हम ट्रांसफार्मर पर लगे OTI और WTI मतलब ऑइल टेम्परेचर इंडिकेटर और वाइंडिंग टेम्परेचर इंडिकेटर मीटर को अच्छे से चेक करके उनका कैलिब्रेशन करते है।

मतलब दोनों मीटर की वैल्यू को चेक और सेट करते है, ताकि वह हमे बाद में गलत टेम्परेचर नहीं दिखाए।

Bushing TAN-delta Test

2. Performed Bushing TAN-delta Test- इसके अलावा हर 2 साल में एक बार हम ट्रांसफार्मर की बुशिंग का TAN – DELTA टेस्ट को भी करते है।

7-10 Year Basis Maintenance

Transformer Maintenance के Schedule में आखरी चेक लिस्ट को हम हर 7-10 साल के अंतराल पर करते है, इसमें हम ट्रांसफार्मर को अंदर से पूरी तरह चेक करते है। Overall Internal Inspection.

Transformer Internal Inspection

जैसे- ट्रांसफार्मर की कोर को चेक करना, वाइंडिंग को देख कर उसकी कंडीशन को पता करना आदि।


तो दोस्तो उम्मीद है आज आपके Transformer Maintenance से जुड़े कई सवालो के जवाब मिल गए होंगे। अगर आपके अभी भी कोई सवाल इंजीनियरिंग से जुड़े है, तो आप हमे कमेन्ट करके जरूर बताये।

इंजीनियरिंग दोस्त (Engineering Dost) से जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। 🙂

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Aayush Sharma is an Assistant Engineer in a Semi-Government Company and Owner of "Engineering Dost" and the Electrical Dost YouTube Channel. He Provides you Engineering inquiry and support of engineering market facts with Practical experience.

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