Resistor & Resistance in hindi – रेसिस्टर और रेजिस्टेंस?

नमस्कार दोस्तों आज इस पोस्ट में हम रजिस्टेंस/resistor क्या होता है, रजिस्टेंस कैसे काम करता है? इसके अलावा इसका उपयोग और भी बहुत सारी महत्वपूर्ण पॉइन्ट पर बात करेंगे।

दोस्तो सबसे पहले आपको एक बात याद रखनी है की रजिस्टेंस और रजिस्टर यह दोनों अलग-अलग शब्द है, लेकिन हम आम भाषा में कभी-कभी रजिस्टर को रजिस्टेंस भी बोल दिया करते हैं। तो अब हम सबसे पहले रजिस्टर और रजिस्टेंस क्या है और इन दोनो में अंतर को समझ लेते है।

What is Resistance रजिस्टेंस क्या है?

रेजिस्टेंस का हिंदी में मतलब विरोध होता है, लेकिन फिजिक्स की भाषा में इसको ‘प्रतिरोध’ कहते है।

रजिस्टेंस को समझना काफी आसान है। हम सभी को यह पता है, कि जब भी हम किसी उपकरण को इलेक्ट्रिसिटी से चलाते हैं। तो उस समय हम उपकरण को सप्लाई वायर के माध्यम से जोड़ देते हैं, और ऐसा करते ही हमारा उपकरण चालू हो जाता है।

अब दोस्तों जब भी हमारा कोई उपकरण इलेक्ट्रिसिटी से चालू होता है तो वह उपकरण कुछ करंट को अपने अंदर से गुजार रहा होता है। आप आसान शब्दों में यह समझ लीजिए कि हमारा कोई भी उपकरण तभी चालू होता है, जब उसके अंदर से करंट गुजरती है।Resistance and current relation hindi engineering dost

अब अगर हम रजिस्टेंस की बात करें। तो यह है एक ऐसी प्रॉपर्टी है, जो करंट को बहने से रोकने का काम करती है।

इसी के साथ में आपको यह भी पता होना चाहिए की हर वस्तु का अपना एक अलग रेजिस्टेंस होता है। अब आप चाहे वायर की बात करे या घर में रखे किसी बर्तन की सभी का अपना अलग अलग रेजिस्टेंस होता है। और यह रेजिस्टेंस की वैल्यू हमे सिर्फ करंट के बहने के बारे में बताती है।

किसी भी उपकरण का जितना कम रेजिस्टेंस होगा उस उपकरण मे से करंट उतनी ही आसानी से गुजर जाएगा।

उदाहरण- अलुमिनियम, कॉपर। इन दोनो मटेरियल का रेजिस्टेंस काफी कम होता है, ऐसा होने से करंट को गुजरने में कोई रुकावट पैदा नही होती है। इसी कारण से हम कॉपर और अलुमिनियम के वायर का ही ज्यादा इस्तेमाल करते है।

इसके अलावा आपने कई बारे सुना होगा की लकड़ी या रबर के उपयोग से हमे करंट नही लगता है। इसके पीछे का कारण भी रेजिस्टेंस ही है। क्योंकि रबर और लकड़ी का रेजिस्टेंस काफी ज्यादा होता है, अब रेजिस्टेंस ज्यादा होने के कारण इसमे से करंट गुजर नही पाता है।

तो दोस्तो अभी तक आपको यह पता चल गया है की हर चीज़ का अपना एक अलग रेजिस्टेंस होता है। और जिसका रेजिस्टेंस कम होगा उसमे से करंट आसानी से गुजर जाएगा, और जिसका ज्यादा होगा उसमे करंट मुश्किल से गुजरेगा।

अब दोस्तो इसी रेजिस्टेंस के पॉइंट को ध्यान में रखते हुए ही सभी मेटीरियल को 3 भागो में बाटा गया है।

  1. Conductor (कंडक्टर)
  2. Insulator (इंसुलेटर)
  3. Semiconductor (सेमि-कंडक्टर)

Conductor- कंडक्टर इसके अंदर वो सभी मटेरियल आते है, जिसका रेजिस्टेंस काफी कम होता है। मतलब जिसके अंदर से करंट आसानी से गुजर जाता है।
उदाहरण- कॉपर, अलुमिनियम।

Insulator- इंसुलेटर के अंदर वो सभी मटेरियल आते है, जिसके अंदर से करंट गुजर नही पाता है, जिसका रेजिस्टेंस काफी ज्यादा होता है।

Insulator and conductor in electrical wire

अगर आप किसी केबल को देखते है तो उसके अंदर का तार कंडक्टर है, क्योंकि उसमे करंट आसानी से गुजर जाता है। लेकिन तार के ऊपर लगा PVC एक इंसुलेटर है, जिसकी मदद से हमे करंट से सेफ्टी मिल जाती है।

Semi conductor- यह एक विशेष प्रकार का मटेरियल होता है। जोकि कुछ समय के लिए कंडक्टर बना रहता है और कुछ समय के लिए इंसुलेटर बन जाता है। मतलब इसके अंदर से कुछ समय तक करंट आसानी से गुजर जाता है और कुछ समय करंट नही गुजर पाता है।

Resistance Definition(प्रतिरोध की परिभाषा)

किसी भी सर्किट मे बहने वाले करंट के बीच में जो बाधा मतलब रुकावट आती है, वह रेजिस्टेंस कहलाता है। resistance को ohm Ω के द्वारा दर्शाया जाता है।

What is Resistor रजिस्टर क्या है?

दोस्तो रेजिस्टेंस और रजिस्टर में सिर्फ थोड़ा ही फर्क है। जिस तरह हमने जाना रेजिस्टेंस एक प्रकार की राशि है जोकि सभी उपकरण की होती है। इसी प्रकार रजिस्टर एक ऐसा डिवाइस है जो खासकर रेजिस्टेंस का कही उपयोग करने के लिए बनाया गया है।

resistors-working-hindi-electrical-engineering

मतलब अगर किसी सर्किट में आपको करंट की वैल्यू को कम करनी है तो उस समय आप जिस डिवाइस का उपयोग करेंगे वह रजिस्टर है।

यह रजिस्टर मार्केट में हमारी जरूरत के अनुसार अलग अलग वैल्यू के आते है। मतलब अगर आपको ज्यादा करंट को रोकना है तो आप ज्यादा रेजिस्टेंस वाले रजिस्टर का उपयोग करेंगें।

यह भी पढ़े- resistor क्या होता है, क्यों लगाया जाता है?

Types of Resistor(रजिस्टर के प्रकार)

यह Resistor मुख्य 2 प्रकार के आते है।

  1. Fix Resistor(फिक्स रजिस्टर)
  2. Variable Resistor(वेरिएबल रजिस्टर)

Fix Resistor- यह रजिस्टर का उपयोग उस जगह पर किया जाता है, जहाँ पर हमें करंट के बहने से एक समान ही रोकना है। क्योंकि फिक्स रजिस्टर में रेजिस्टेंस की वैल्यू फिक्स होती है, हम उसे कम ज्यादा नही कर सकते है।

Fix resistor and variable resistor

Variable Resistor- लेकिन अगर हम वेरिएबल रजिस्टर की बात करे, तो इस Variable resistor में हम जरूरत के अनुसार रेजिस्टेंस की वैल्यू को कम ज्यादा कर सकते है।

How to Calculate Resistor value (रजिस्टर की वैल्यू कैसे निकाले)

अगर आप आपके किसी सर्किट में रजिस्टर को लगाना चाहते है लेकिन आप कंफ्यूज है की आपको कितने रेजिस्टेंस का रजिस्टर लगाना चाहिए तो इसके लिए आप ohm law की मदद ले सकते है।

यह ohm law काफी आसान नियम है इसके ऊपर हमने पहले से एक पोस्ट लिख रखी है आप उसको पढ़ सकते है। लेकिन अभी हम हमारे पॉइंट पर आते है।

यह भी पढ़े- ohm’s law क्या है, इसकी जरूरत

ओम का नियम हमे बताता है की अगर आप कभी भी रेजिस्टेंस की वैल्यू का पता करना चाहते है तो आप वोल्टेज के अंदर करंट को भाग लगा दीजिए। जो वैल्यू आएगी इसी साइज का आपको रजिस्टर लाकर लगा देता है।

Resistor and Resistance Difference (रजिस्टर और रेजिस्टेंस में अंतर)

  • रजिस्टर एक डिवाइस होता है। जबकि रेजिस्टेंस एक राशि है जो की सभी उपकरण की होती है।
  • रसिस्टर ओर रेजिस्टेंस दोनो को हम R और ohm से दर्शाते है।
  • रेजिस्टेंस और रेसिस्टिविटी दोनों कुछ केस में एक समान माने जाते है, मतलब कभी कभी हम रेजिस्टेंस को रेसिस्टिविटी भी बोल देते है। लेकिन इन दोनों के बीच में भी कुछ अंतर होता है। resistance and resistivity के बीच अंतर को हम किसी दूसरी पोस्ट में जान लेंगे।

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तो दोस्तो उम्मीद है आज आपके Resistor & Resistance से जुड़े कई सवालो के जवाब मिल गए होंगे। अगर आपके अभी भी कोई सवाल इंजीनियरिंग से जुड़े है, तो आप हमे कमेन्ट करके जरूर बताये।

इंजीनियरिंग दोस्त (Engineering Dost) से जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद।

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