Normal Inverter and Solar Inverter difference in hindi

दोस्तो आज हम सोलर इन्वर्टर और नार्मल इन्वर्टर के बीच के अंतर को जान लेंगे। इसके अलावा आज मै आपको Solar inverter और Normal Inverter से जुड़े मुख्य 4 सवालो के जवाब दूंगा।

  1. इन्वर्टर क्या काम करता है?
  2. सोलर और नार्मल इन्वर्टर में क्या अन्तर होता है?
  3. हमे घर में कौनसा inverter लगाना चाहिए?
  4. नॉर्मल इन्वर्टर को सौलर इन्वर्टर में कैसे बदला जाता है?

What Inverter works (इन्वर्टर क्या काम करता है)

दोस्तो हमारे घर में लगे इन्वर्टर को कई सारे उपकरण से मिलकर बनाया गया है। ताकि यह एक उपकरण ही सभी काम को पूरा कर सके।

घर में लगे इन्वर्टर का सबसे पहला काम। हमारे घर पर आने वाली AC Supply को DC Supply में बदलना होता है, इसके बाद यह DC current को बैटरी में स्टोर कर देता है।

और बाद में जब कभी हमारे घर की इलेक्ट्रिकल सप्लाई कट हो जाती है, तो यह inverter हमारी बैटरी में रखी DC सप्लाई को AC में बदलकर हमे दे देता है। जिसकी मदद से हम हमारे उपकरण को चला पाते है। 

Solar Inverter और Normal Inverter में अंतर

सोलर और नार्मल इन्वर्टर दोनों के बीच मुख्य अंतर इन दोनों के काम पर होता है।

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Normal inverter हमारे मुख्य 3 काम को पूरा करता है, जबकि solar inverter के अंदर 5 प्रकार के फंक्शन होते है।

Normal inverter के 3 फंक्शन-

  1. Converter (कन्वर्टर)
  2. Charger (चार्जर)
  3. Inverter (इन्वर्टर)

नार्मल इन्वर्टर के अंदर लगे converter का काम AC सप्लाई को DC सप्लाई में बदलना होता है। इसके बाद कन्वर्टर से मिलने वाला DC current चार्जर के पास जाता है, यह चार्जर बैटरी के साथ जुड़ा होता है।

यह Charger हमारी बैटरी को चार्ज कर देता है, और बैटरी के पूरी तरह से चार्ज हो जाने के बाद यह सप्लाई को बंद कर देता है। ताकि बैटरी सुरक्षित रहे।

Battery के चार्ज हो जाने के बाद हमारे inverter का काम आता है। जब कभी घर की AC सप्लाई कट जाती है, तो यह इन्वर्टर हमारी battery में रखी DC supply को AC में बदलकर घर के उपकरण को चला देता है।

तो दोस्तो यह 3 फंक्शन हमारे सभी नॉर्मल इन्वर्टर के अंदर होते है।


How Solar Inverter Works

जिस तरह हमने जाना की नार्मल इन्वर्टर के अंदर 3 फंक्शन होते है, इसी तरह सोलर में हमे 5 फंक्शन मिलते है।

  1. Converter (कन्वर्टर)
  2. Charger (चार्जर)
  3. Inverter (इन्वर्टर)
  4. Blocker (ब्लॉकर)
  5. Charge controller (चार्जर कंट्रोलर)

सभी Solar inverter के अंदर normal inverter के तीनो फंक्शन होते है, लेकिन सौलर इन्वर्टर के अंदर हमको 2 फंक्शन ज्यादा मिलते है। और इन दोनो की वजह से ही solar inverter की कीमत नार्मल इन्वर्टर से ज्यादा होती है।

Blocker- अगर आप आपके घर में सोलर पैनल लगाना चाहते है, तो आपके इन्वर्टर में यह ब्लॉकर फंक्शन जरूर होना चाहिए। वैसे यह सभी सौलर इन्वर्टर में हमे मिलता है।

इसका काम रात के समय जब सोलर इलेक्ट्रिसिटी नही देता है। उस समय यह ब्लॉकर हमारी बैटरी में रखी बिजली सोलर पैनल पर जाकर खर्च ना हो जाए, इसको रोकता है।

मतलब यह ब्लॉकर सोलर पैनल से इलेक्ट्रिसिटी को सिर्फ आने ही देता है, वापस जाने नही देता है।

Charger controller- यह चार्जर कंट्रोलर दूसरा फंक्शन है, जो की नार्मल इन्वर्टर में नही मिलता है।

जैसा की हम सभी को यह पता है, की solar panel हमे कभी भी 24 घण्टे बिजली नही देते है। यह सिर्फ सूरज की रोशनी होने पर ही DC current हमे देते है।

मतलब सोलर पैनल से मिलने वाली इलेक्ट्रिसिटी कभी भी फिक्स नही रहती है, यह थोड़ी-थोड़ी देर में बदलती रहती है। जैसे- दिन में ज्यादा, शाम को कम, रात को बिल्कुल बंद।

ऐसा होने के कारण हमे एक नुकसान होता है। क्योंकि हम सभी को पता है की बैटरी को चार्ज करते समय हमको चार्जिंग स्पीड एक फिक्स रखनी होती है। ताकि बैटरी पर जोर नही पड़े, और हमारी बैटरी खराब नही हो।

तो यह चार्जर कंट्रोलर solar plate से मिलने वाली बिजली को कंट्रोल करके एक फिक्स स्पीड के साथ बैटरी को चार्ज करता है। जिससे बैटरी की लाइफ अच्छी रहती है।

तो अब इन सब बातो से हमे सोलर और नार्मल इन्वर्टर के बीच अंतर पता चल गया है।

सोलर इन्वर्टर के अंदर हमे 2 मुख्य फायदे मिल जाते है, जो की नार्मल इन्वर्टर में नही मिलते है।

  1. Blocker
  2. Charger Controller

Which inverter should use in the house

दोस्तो नार्मल इन्वर्टर का उपयोग आप सिर्फ बैटरी को चार्जिंग और डिसचार्जिंग करने के लिए उपयोग ले सकते है। इसका उपयोग हम solar panel के साथ नही कर सकते है।

लेकिन Solar Inverter को हम नार्मल उपयोग और solar panel दोनो के लिए कर सकते है।

अगर आप आपके घर पर एक नया Inverter सिस्टम लगा रहे है, और वह Solar Plate से जुड़ा है। तब तो आपको Solar inverter ही लगाना पड़ेगा।

पर अगर आप घर पर Solar Plate नही लगा रहे है, तो आप नार्मल इन्वर्टर ही लगा लीजिए। क्योकि इसकी कीमत solar inverter से थोड़ी कम होती है।

लेकिन दोस्तो अगर आप कुछ समय के बाद घर पर Solar plate भी लगवाने की सोच रहे है, तो आप पहले ही Solar inverter को ही लगवा लीजिए।


How to convert normal inverter to solar inverter 

अगर आपके घर में पहले से एक normal inverter है, और आप उसको सोलर इन्वर्टर में बदलना चाहते है। तो यह बिल्कुल आसान होता है।

इसके लिए आपको मार्केट से Solar Charger Controller को लाकर आपके Normal Inverter से जोड़ना होता है।

यह सौलर चार्जर मार्केट में मुख्य 2 तरह के मिलते है।

  1. PWM solar charger
  2. MPPT solar charger

मेरी आपको राय यह है, की आप आपके घर में MPPT सोलर चार्जर ही लगवाए।

PWM Charger पुरानी टेक्नोलॉजी से मिलकर बना है, इस कारण से यह कुछ बिजली को अनावश्यक खर्च कर देता है। इसकी एफिशिएंसी 70% तक बताई जाती है।

जबकि MPPT सौलर चार्जर आपके बिजली को अनावश्यक खर्च नही करता है। इसकी एफिशिएंसी 90 से 96% तक बताई जाती है, जो की हमारे लिए काफी ज्यादा फायदेमंद रहेगी।


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तो दोस्तो उम्मीद है आज आपके Solar inverter और Normal inverter से जुड़े कई सवालो के जवाब मिल गए होंगे। अगर आपके अभी भी कोई सवाल इंजीनियरिंग से जुड़े है, तो आप हमे कमेन्ट करके जरूर बताये।

इंजीनियरिंग दोस्त (Engineering Dost) से जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। 🙂 

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