ट्रांसमिशन लाइन में हमिंग साउंड क्यों आती है?

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दोस्तों जब कभी आप ट्रांसमिशन लाइन के पास से गुजरते है, तो आपको ज़ि.. ज़ि..ज़ि.. जैसी आवाज़ सुनने को मिलती है। इस आवाज़ को टेक्निकल भाषा में हमिंग साउंड कहते है। दोस्तों अब सभी के मन में यही सवाल आता है की आखिर ट्रांसमिशन लाइन में हमिंग साउंड क्यों आती है?

आप लोगो को यह ध्यान रखना है, की कई जगह पर हमिंग की जगह हिसिंग साउंड भी बोला जाता है। तो दोनों शब्दो का मतलब एक ही है और दोनों साउंड के आने का कारण भी एक ही है। चलिए अब जान लेते है की हमिंग साउंड आने के पीछे क्या कारण है।

ट्रांसमिशन लाइन से हमिंग साउंड क्यों आती है?

Why Humming Sound come from Transmission line?

ट्रांमिशन लाइन में हमिंग साउंड कोरोना इफ़ेक्ट के कारण आती है। अब कुछ लोग कहंगे कि कोरोना इफ़ेक्ट के कारण तो ट्रांसमीशन लाइन के चारो और बैगनी रंग की लाइट देखने को मिलती है।

transmission line corona effect

तो दोस्तों कोरोना इफ़ेक्ट के कारण केवल बैगनी रंग की लाइट ही नहीं बल्कि ये तीन प्रभाव देखने को मिलते है।

  1. Violet Glow (वायलेट ग्लो)
  2. Hissing Sound (हिसिंग साउंड)
  3. Ozone (ओजोन)

तो आगे से आपको हमेशा ये तीनो ही पॉइंट ध्यान में रखने है, जो की कोरोना इफ़ेक्ट के कारण प्रोडूस होते है। अगर आपसे कभी इंटरव्यू या एग्जाम में पूछ लिया जाए की कोरोना इफ़ेक्ट के क्या प्रभाव देखने को मिलते है तो आप ये तीनो पॉइंट बता सकते है।

कोरोना इफ़ेक्ट क्या होता है?

What is Corona Effect? 

दोस्तों ट्रांसमिशन लाइन से हाई वोल्टेज पास होती है और ट्रांसमिशन लाइन को स्टील-टावर की मदत से हवा में लटकाया जाता है। हम सभी को यह लगता की हवा के अंदर करंट फ्लो नहीं होता। लेकिन दोस्तों यह बिलकुल भी सच नहीं है एयर पूरी तरीके से शुद्ध इंसुलेटर नहीं होती है। मतलब की हवा में से भी करंट फ्लो हो सकता है। हवा में से करंट फ्लो होने या एयर के आयोनाइज़ होने को ही हम कोरोना इफ़ेक्ट कहते है।

अब आप बोलेंगे की आखिर ऐसी स्थिति कब उत्पन होती है जब हवा में से ही करंट फ्लो होने लगती है?

corona effect in hindi »

तो इसको पता करने के लिए हमे हवा की डाइइलेक्ट्रिक स्ट्रेंथ का पता होना चाहिए। डाइइलेक्ट्रिक स्ट्रेंथ का मतलब है, की हमारी हवा कितने वोल्टेज तक नार्मल रहेगी यानी की आयोनाइज़ नहीं होगी।

अब काफी सारे लोग बोलेंगे की आयोनाइज़ क्या होता है? तो चलिए एक बार आयोनाइज़ का मतलब समझ लेते है फिर आगे हम कोरोना इफ़ेक्ट को और अच्छे से समझेंगे।

आयोनाइज़ क्या होता है?

What is ionization?

जब किसी कंडक्टर में से करंट फ्लो हो रही है, तो उसके आस पास की हवा में से भी करंट फ्लो होने लग जाए या आस-पास की हवा में चार्ज (आयन) आ जाये तो उसे हम हवा का आयोनाइज़ होना कहते है। दोस्तों हर इंसुलेटर की एक डाइइलेक्ट्रिक स्ट्रेंथ होती है अगर हम उसकी स्ट्रेंथ से ज्यादा वोल्टेज देते है, तो उस इंसुलेटर में से भी करंट फ्लो होने लग जाती है।

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जैसे की हवा की डाइइलेक्ट्रिक स्ट्रेंथ 30KV/cm होती है। यानी की अगर किसी लाइन में 30KV सप्लाई करते है तो उस वायर के आस-पास 1cm के एरिया में करंट फ्लो होने लगेगा है। अगर हम वायर में 30KV सप्लाई करते है और 1cm दूर हाथ रखते है, तो हमे 1cm दूर भी करंट लगेगा। जैसे जैसे हम वोल्टेज बढ़ाते है तो हवा में करंट फ्लो होने का एरिया भी बढ़ने लगता है।

ध्यान दे: क्रिटिकल वोल्टेज वह वोल्टेज होता है, जिससे ज्यादा वोल्टेज देने पर एयर ब्रेकडाउन हो जाती है।

एयर ब्रेकडाउन का मतलब होता है की हवा ब्रेक हो जाती है, मतलब की हवा में से कुछ मात्रा में करंट फ्लो हो जाता है।

एयर ब्रेकडाउन के कारण ही ट्रांसमिशन लाइन में से हमिंग की आवाज़ आती है। दोस्तों अगर आपसे यह सवाल इंटरव्यू में पूछा जाता है तो आपको इतना सब कुछ बताने की जरूरत नहीं है।

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आपको सिंपल सा यह जवाब देना है की ट्रांसमिशन लाइन से जो हमिंग साउंड आती है वो कोरोना इफ़ेक्ट के कारण आती है। अब अगर आगे आपसे पूछ लिया जाए की आखिर कोरोना इफ़ेक्ट के कारण साउंड क्यों आती है।

तो आप कह सकते है की हमारी एयर शुद्ध इंसुलेटर नहीं होती है। इसकी एक डाइइलेक्ट्रिक स्ट्रेंथ होती है।डाइइलेक्ट्रिक स्ट्रेंथ से मतलब है की हवा कितना वोल्टेज सहन कर सकती है। कितने वोल्टेज तक हवा नार्मल रहेगी और उसमे से करंट फ्लो नहीं होगा, यानि इंसुलेटर की तरह काम करेगी। इस मैक्सिमम वोल्टेज जहा तक हवा नार्मल है, इसे क्रिटिकल वोल्टेज कहते है।

अगर हम इस एयर में क्रिटिकल वोल्टेज से ज्यादा वोल्टेज को कनेक्ट कर देते है जो की 30KV/cm होती है, तो ऐसा करने पर एयर का ब्रेकडाउन होगा और उस एयर के ब्रेकडाउन से ही हमे हमारी ट्रांसमिशन लाइन से हमिंग साउंड सुनाई देती है। इसके साथ ही कंडक्टर में कम्पन उत्पन हो जाती है और कंडक्टर के आस-पास बैगनी रंग की लाइट देखने को मिल जाती है।

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ध्यान दे: बैगनी लाइट हमेशा दिखाई नहीं देती। यह तभी दिखाई देगी जब कोरोना इफ़ेक्ट ज्यादा हो या फिर बारिश का मौसम हो।


तो दोस्तों उम्मीद है की आज की इस पोस्ट के अंदर आपको कोरोना इफ़ेक्ट और ट्रांसमिशन लाइन के हमिंग साउंड से जुड़े सभी सवालों के जवाब मिल गए होंगे।

अगर अभी भी कोई सवाल रह जाता है तो आप इस पोस्ट के नीचे कमेंट करके बता सकते है या फिर हमे इंस्टाग्राम Electrical Dost” पर भी अपना सवाल भेज सकते है।

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मिलते है अगली पोस्ट में तब तक के लिए धन्यवाद 🙂

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Aayush Sharma is an Assistant Engineer in a Semi-Government Company and Owner of "Engineering Dost" and the Electrical Dost YouTube Channel. He Provides you Engineering inquiry and support of engineering market facts with Practical experience.

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