Compaction क्या है और इसको affect करने वाले कारण?

नमस्कार दोस्तो, आज हम पढेंगे कि compaction क्या है? ये soil में क्यों जरूरी है, इसका पता कैसे लगाते हैं, soil की property को ये कैसे affect करता है और भी बहुत कुछ compaction के बारे में तो चलिए शुरू करते हैं।

Compaction soil mechanics का बहुत ही ज्यादा important topic है इसको आप किसी भी हालत में skip नहीँ कर सकते। किसी भी structure को stable होने के लिए सबसे पहले soil का compact होना सबसे ज्यादा जरूरी है ओर इसे हम compaction technique से करते हैं।

Compaction एक process है जिसमे हम soil के उपर load लगाके उसके voids कम करते हैं,ओर soil को एक dense state में लाते हैं।

Compaction का measure हम unit dry weight या dry density से करते हैं।

Dry unit weight (dry डेंसिटी)=1m3 volume में soil का कितना weight आएगा, इसे हम ¥d से denote करते हैं।

Compaction process में soil हमेशा partial saturated रहती है।

Compaction of cohesionless soil

Soil अगर loose या honeycomb form में है, तो उसका compaction बहुत ज्यादा जरूरी है। अगर हम loose sand को vibrator से compact करेगे तो liquefaction के chances बढ़ जाते हैं। liquefaction एक process है जिसमे sand की shear strength zero हो जाती है, क्योंकि उसका effective stress जीरो हो जाता है।

Compaction of cohesion less soil

Compaction of cohesive soil

Clays का compaction vibrator से नहीं कर सकते क्योंकि उसमें cohesion होता है।

Compaction से soil के particles एक random orientation से एक definite orientation में आ जाते हैं, जिससे उनके voids भी कम हो जाते हैं।

Compaction को measure करने के लिए हम proctor test का use करते हैं।

Compaction of cohesive soil

PROCTOR TEST

Proctor के अनुसार एकdefinite relationship exists करती है,soil की moisture content मतलब soil में कितना पानी है और dry density या unit weight of soil में।

किसी एक particular compaction energy के लिए एक ही moisture content होगी जिसपरsoil की maximum dry density मिलेगी।ओर उस moisture content को हम OMC मतलब optimum moisture content बोलते हैं।

Dry density की range है (16-20) KN/m3

Moisture content की range है (10-20)%

PROCTOR TEST

Proctor test  2 types से किया जाता है।

1. Standard proctor test- W is the weight of rammer blow = 5.5 pounds, h is the height of fall = 12 in. = 1 ft, n is the number of blows per layer = 25, l is the number of layers = 3, and Vm is the volume of the mold = 1/30 cubic ft. The total compaction energy imparted on the soil per unit volume in this test is –

Standard proctor test

2. Modified proctor test- W is the weight of hammer blow = 10 pounds, h is the height of fall = 18 in. = 1.5 ft, n is the number of blows per layer = 25,l is the number of layers = 5, and Vm is the volume of the mold = 1/30 cubic ft.

Weight of hammer=4.54kg(10lb)

HEIGHT of =18”=457.2mm

Modified proctor test

 

Importance of proctor test

ये टेस्ट हमे idea देता है कि-

# किसी type of soil के लिए हमे field में कितनी dry density चाहिए।

#moisture content कितनी होगी soil के लिए।

Importance of proctor test

Factors affecting compaction

moisture content- Low water content पर soil dry रहती है और ज्यादा resistance दिखती है compaction करने पर और जैसे ही water content बढ़ते हैं तो soil के particles को चारों तरफ से पानी घेर लेता है जिससे अब resistance कम हो जाता है और compaction easily हो पाता है ओर हमे dense ,कम void वाली soil मिलती है, ऐसा OMC तक ही होता है एक बार water content OMC  को क्रॉस करती है तो फिर उसके बाद soil particles ज्यादा पानी के कारण replace होने लगते हैं और हमे omc से ज्यादा moisture content पर कम dry density मिलने लगती है इसलिए हमें compaction omc पर ही करना चाहिए।

Example- जब हम रोटी बनाने के लिए आटा गूथते हैं तो अगर उसमे पानी कम रहता हैतो वो सूखा होने की वजह से गुथ नहीं पाता पर अगर हम पानी मिलते जाते है, धीरे धीरे तो वो अछे से गूथने लगता है पर अगर हम ज्यादा पानी मिलादे तो पानी आटे को रिप्लेस कर देता है और आटा ऊपर तैरने लगता है इस moisture content पर भी आटा नई गूथ सकते तो हमे OMC पर ही आटा या compaction करना चाहिए।

  • Compactive effort

जैसा कि हम जानते हैं कि compaction में एक load लगाके एक particular moisture content पर voids को कम करके soil को dense किया जाता है, और proctor टेस्ट में हमने एक definite relationship के बारे में भी पढ़ा अब हम देखेंगे कि load को कम ज्यादा करके हमे क्या देखने को मिलता है।

Compactive effort

Compactive effort यानी कि load जिसके अन्दर compaction होना है वो बढ़ाएंगे तो कम moisture content पर ही ज्यादा dry density मिल जायेगी।ऊपर दिए गए चित्र में जब हम soil ABC की बात करते हैं तो उसकी water content ज़्यादा है और उसकी dry density भी कम है ED के comparison में।

तो ज्यादा लोड लगाने से हमे कम moisture content पर ही ज्यादा ड्राई density मिल जाएगी।

Typical compaction curves for different soils

Typical compaction curves for different soils

अगर हमारी साइल coarse grain है और उसमें कुछ fine भी मिली है तो हमे बहुत अच्छी dry density मिलेगी मगर fine के ज़्यादा होने से dry density कम हो जाती है।

Heavy clay ओर plastic clay की dry density कम होती है और omc ज्यादा।

Compaction of sand

Compaction of sand

हम अभी तक तो पढ़ते आ रहे थे कि water content बढ़ाने से dry density बढ़ती है पर sand के केस में उल्टा कम ही हो रही है ऐसा क्यों?? तो इसका reason हैकि जब हम sand में पानी मिलते हैं तो sand में capillary action होता है जिससे sand के particles close आने में resistance दिखाने लगते हैं ये सब कुछ पानी की एक layer के बनने से होता है।और इसे हम bulking of sand भी बोलते हैं।ये (4-5)% water content पर होता है एक बार जब ये layer break हो जाती है तो particles close आके ड्राई density बढ़ाते हैं।

Effect of compaction on properties of soils

अब हम पढेंगे इस unit का सबसे important object-

1. soil structure

ऐसी soil जो OMC से कम moisture content पर compact की जाती हैं, उनका structure flocculated होता है मतलब एक जगह भीड़ जैसा और मच से ज्यादा moisture content पर soil का structure dispersed होता है।

ध्यान दे- flocculated structure में voids ज्यादा होते हैं और dispersed structure में voids कम होते हैं।

2. Permeability

Omc से कम moisture content को हम dry side of optimum बोलेगे ओर omc से ज्यादा moisture content को हम wet side of optimum बोलेगे।

ऐसी soil जो dry side पर compact की जाती है उनकी permeability ज्यादा होती है वजाय उनके जो wet side में compact होती हैं।

3. Swelling

Dry side वाली साइल की swelling ज़्यादा होगी वजाय wet side वाली साइल की।

4. Shrinkage

वेट side वाली soil की shrinkage ज्यादा होगी dry साइड से।

5. Compressibility

Dryside वाली soil का structure compression में ज्यादा resistance दिखता ह तो compressibility dry side की कम होगी wet side से।

ये थे वो factors जो compaction को affect करते हैं, आशा करता हू आपको समझ मे आया होगा।


तो दोस्तों इस तरह से हमारा आज का यह टॉपिक खत्म होता है। आशा करता हू आज आपके compaction क्या है इसको affect करने वाले parameter से जुड़े कई सवालो के जवाब मिल गए होंगे। अगर आपके अभी भी कोई सवाल इंजीनियरिंग से जुड़े है, तो आप हमे कमेन्ट करके जरूर बताये।

इंजीनियरिंग दोस्त (Engineering Dost) से जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद 🙂

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Aayush Sharma is an Assistant Engineer in a Semi-Government Company and Owner of "Engineering Dost" and the Electrical Dost YouTube Channel. He Provides you Engineering inquiry and support of engineering market facts with Practical experience.

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